कम्प्यूटर के जीवन के प्रत्येक
क्षेत्र में प्रभावी होने के कारण एकाउण्टिंग का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रह गया
है। विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपनी आवश्यकतानुसार किसी कम्प्यूटर प्रोग्रामर से
अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार अपना निजी एकाउण्टिंग सॉफ्टवेयर बनवा लेते हैं।
ये प्रोग्राम्स कोबोल, फॉक्सप्रो, सी प्रोग्रामिंग तथा इनसे मिलती-जुलती
भाषाओं में बनाए जाते थे। इसी दौरान कुछ कम्पनीज़ बाजार में रेडीमेड एकाउण्टिंग सॉफ्टवेयर्स
भी ले आईं। इनमें से सबसे अधिक प्रचलित व लोकप्रिय एकाउण्टिंग सॉफ्टवेयर (accounting
software) के रूप में टैली (TALLY) ने अपना वर्चस्व-सा स्थापित कर लिया। यह सॉफ्टवेयर
व्यावसायिक एकाउण्टिंग की समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। इस सॉफ्टवेयर को भारत
के कर्नाटक प्रदेश की बंगलौर में स्थित एक कम्पनी M/s Penutronics Private Limited
ने विकसित किया था। टैली का सबसे पहला संस्करण टैली 4.0 बाजार में आया था। टैली के
इस संस्करण का प्रयोग डॉस के वातावरण में किया जा सकता था। टैली नामक यह सॉफ्टवेयर
प्रयोग में इतना सरल था कि लोगों ने इसे फटाफट अपनाया और इस पर वे एकाउण्टिंग का कार्य
करने लगे। इस संस्करण को प्रयोग करने में लोगों को कुछ कमियां प्रतीत हुईं, तो कम्पनी
ने लोगों के सुझावों का स्वागत करते हुए, इन कमियों को दूर करके इसका उन्नत संस्करण
टैली 4.5,5.0,6.3 बाजार में प्रस्तुत किया। टैली का यह संस्करण डॉस के वातावरण के अलावा
विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में भी कार्य करता है । टैली का यह संस्करण भी केवल एकाउण्टिंग
के लिए ही उपयोगी था, परन्तु इस संस्करण में एकाउण्ट्स की प्रिन्टिंग से सम्बन्धित
सुविधाओं को सुधारा गया तब हमारे सामने नए संस्करण आए जो कि 7.2 और 9.0 के रूप में
प्रस्तुत हुए इन संस्करणों में हमें दो नई चीज मिली वेट(VAT – Value added tax ) और टीडीएस(TDS- Tax Deducted at Source ) जोकि सरकार के नए टैक्सेस(taxes)
थे अब हमारे सामने tally ने नया संस्करण प्रस्तुत किया है जो ERP 9 के रूप में आया है
इसके अंदर नया टैक्स जिसे हम जीएसटी(GST- Goods
& Services Tax) के नाम से जानते हैं वह भी पूर्ण रूप से सम्मिलित है
